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50 पन्नो की रंगीन विस्तृत कुण्डली
  अर्थ कुण्डली में कुल 50 पन्ने बेहद विस्तृत तरीके से सजाये हुए होते हैं, ताकि जातक को अपने जीवन काल में अर्थ भाव से जुडी अहम् भविष्यवाणीयों का सही ज्ञान हो सके
   
विशेष राजयोग - अहम् सफलता का समय
  अर्थ कुण्डली का यह भाग, जातक के एक विशेष समय को अलग करता है, जीवन के इस भाग में जातक को शेयर बाजार में विशेष सफलता मिलती है
नोट - यह वह विशेष समय होता है, जोकि मनुष्य की जिन्दगी में मात्र 2 या तीन बार ही आता है, और इस समय में मनुष्य के कर्म विशेष लाभ देते हैं
   
जीवन का अर्थ के लिए अशुभ समय
  अर्थ कुण्डली के इस भाग में कुण्डली में अशुभ समय का अलग से ज्ञान दिया गया है, जिसके आधार पर जातक शेयर बाज़ार से दूर रहकर हानि से बच सकता है
   
जीवन का अर्थ के लिए शुभ समय
  अर्थ कुण्डली के इस भाग में कुण्डली में शुभ समय का अलग से ज्ञान दिया गया है, जिसके आधार पर जातक शेयर बाज़ार से सामान्य लाभ ले सकता है
   
  अर्थ कुण्डली विशेष तौर पर शेयर बाज़ार में कार्य करने वाले व्यापारियों के लिए ही तैयार की जातीं है, और कुण्डली के अन्दर एक अलग भाग भी दिया जाता है जिसके माध्यम से जातक कुछ विशेष बातें भी जान सके जैसे कि -
   
  जातक को किस सेक्टर के शेयर अधिक लाभ दे सकतें है
  जातक को कब किस योग को आधार मानकर निवेश करना चाहिए
  जातक को अपने विशेष समय (राजयोग में) किस सेक्टर पर विशेष ध्यान देना है और किन शेयरों में अधिकाधिक निवेश करना है
 

 

गीता के अनुसार "कर्म प्रधान है और भाग्य उप प्रधान है" ये वो पंक्ति है जिससे हरेक मनुष्य सहमत होगा । परन्तु इस बात से भी सहमत होना पड़ेगा कि "समय से पहले व भाग्य से ज्यादा कभी किसी को नहीं मिलता"

अर्थात कर्म व भाग्य के मेल से ही किसी मनुष्य मात्र को कुछ मिलता है, यदि किसी का भाग्य बलवान नहीं होगा या उसके जीवन के मूल में ही धन योग नहीं होगा, तो उसे अकस्मात धन लाभ भी नहीं होने वाला है । शेयर व कमोडिटी बाज़ार में जाने से पहले भविष्य शास्त्र में दी गई पद्धति के अनुसार इस बात का अध्यन करना आवश्यक है कि हमारा धन योग कितना बलिष्ट है । और वह कब बलवती हो रहा है, साधारण तौर पर जो भी मनुष्य (स्त्री हो या पुरुष) इस संसार में है, वो अपना एक निर्धारित भाग्य लेकर पैदा हुआ है । कहावत है "कि जब भगवान ने मुहँ दिया है, तो उसने खाने का भी इंतजाम किया है" । मेरा अपना मानना है कि हर प्राणी मात्र जो इस संसार में है वो एक अच्छा भाग्य लेकर पैदा हुआ है ।

साधारणतया यह देखा गया है कि जब कोइ मनुष्य शेयर व कमोडिटी बाज़ार में सौदा करता है. और वह नुक्सान में चला जाता है, तब वह अपने भाग्य को दोष देने लगता है, पर वह अपनी कुण्डली उठाकर कभी नहीं देखता, और अगर वह अपनी कुण्डली का निरिक्षण करे तो पायेगा कि उस समय उसका "समय" खराब चल रहा होगा । मैं यहाँ उसके समय की बात कर रहा हूँ भाग्य की नहीं । मेरा कहने का सीधा सा मतलब है कि "समय" खराब हो सकता है "भाग्य" नहीं कियोंकि अगर भाग्य खराब होता तो वह प्राणी मात्र के शरीर में जन्म नहीं लेता ।

अर्थ कुण्डली में हम यही देखते है कि मनुष्य का समय कब खराब चल रहा है और कब सही । कब उसे किस कमोडिटी, सेक्टर या शेयर में फायदा होगा या कब नुक्सान हो सकता है ।
अर्थ कुण्डली बनाने के लिये हमें तीन बेसिक जानकारीयों की आवश्यकता होती हैं 

1) जन्म की तारीख    2) जन्म का समय    3) जन्म का स्थान

 

सभी जानते हैं कि, भविष्य हमारे हाथ में नहीं है। हालांकि हम कुछ विशेष उपायों को आधार बनाकर आने वाले समय में होने वाली घटनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसी आधार पर अर्थ कुण्डली का निर्माण आपके शेयर बाजार में सफलता हेतु विस्तृत जानकारी देने के लिये किया गया है। इस कुण्डली के आधार पर जातक पहले से सुनिश्चित समय में शेयर बाज़ार में निवेश करके लाभ कमा सकता है, या अपने अशुभ समय में शेयर बाज़ार से होने वाली हानि से बच सकता है कुल मिलाकर जातक इस रिपोर्ट में बहुत सी और जानकारियां भी प्राप्त कर सकता है। इस रिपोर्ट की मदद से जातक जीवन में आने वाली चुनौतियों पर नजर रख सकता है और इन चुनौतियों को दूर करने के लिये अर्थ कुंडली में बताए गये आवश्यक उपायों को आजमा सकता है

 

अर्थ कुण्डली बनाने का चार्ज - 5000 रूपये हैं, अर्थ कुण्डली बनवाने के लिए PAY NOW बटन पर क्लिक करें

 
 

 

अर्थ कुण्डली को बनने में करीब 9 दिन का समय लगता है, इसलिए जल्दी ना करें 

 
 
 

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